माफी पर 9 शायरी
1. हम रूठें भी तो किसके भरोसे रूठें कौन है जो आयेगा हमें मनाने के लिए, हो सकता है तरस आ भी जाये आपको पर दिल कहाँ से लायें आपसे रूठ जाने के लिये।
2. नाराज क्यूँ होते हो किस बात पे हो रूठे, अच्छा चलो ये माना तुम सच्चे हम ही झूठे, कब तक छुपाओगे तुम हमसे हो प्यार करते, गुस्से का है बहाना दिल में हो हम पे मरते।
3. हो सकता है हमने आपको कभी रुला दिया, आपने तो दुनिया के कहने पे हमें भुला दिया, हम तो वैसे भी अकेले थे इस दुनिया में, क्या हुआ अगर आपने एहसास दिला दिया।
4. बहुत उदास है कोई शख्स तेरे जाने से, हो सके तो लौट के आजा किसी बहाने से, तू लाख खफा हो पर एक बार तो देख ले, कोई बिखर गया है तेरे रूठ जाने से।
5. तुम हँसते हो मुझे हँसाने के लिए, तुम रोते हो तो मुझे रुलाने के लिए, तुम एक बार रूठ कर तो देखो, मर जायेंगे तुम्हें मनाने के लिए।
6. धड़कन बनके जो दिल में समा गए हैं, हर एक पल उनकी याद में बिताते हैं, आंसू निकल आये जब वो याद आ गए, जान निकल जाती है जब वो रूठ जाते हैं।
7. तुम हमसे नाराज क्या हो गए जो हमसे बात नहीं करते , सॉरी तो मैं कह चुका हूँ ,इसकी थोड़ी सी तो फिकर करते।
8. रिश्ते में तो दूरियां तो आती जाती रहती हैं , फिर भी दोस्ती दिलो को मिला देती है , वो दोस्ती ही क्या जिसमे नाराजगी ना हो , पर सच्ची दोस्ती दोस्तों को मना ही लेती है आई एम रियली सॉरी।
9. बहुत उदास हैं कोई शखस तेरे जाने से , हो सके तो लौट के आ जा किसी बहाने से , तुम लाख गुस्सा हो पर एक बार तो देख लो कोई बिखर गया है तेरे रूठ जाने से।
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