Posts

Showing posts from June, 2024

25 बेवफा शायरी

 1: काम आ सकीं न अपनी वफाएं तो क्या करें उस बेवफा को भूल न जाएँ तो क्या करे। 2: कुछ तो मजबूरिया रही होगी यू ही कोई बेवफा नही होता । 3: हम उसे याद बहुत आएँगे जब उसे भी कोई ठुकराएगा। 4: तुम किसी के भी हो नहीं सकते तुम को अपना बना के देख लिया। 5: हम ने तो खुद को भी मिटा डाला तुम ने तो सिर्फ बेवफाई की। 6: हम इश्क में वफा करते करते बेहाल हो गए और वो बेवफाई कर के भी खुशहाल हो गए। 7: जब आपको बिना गलती के सजा मिले तो बेवफाई कहा जाता है। 8: मोहब्बत में ऐसा क्यों होता है बेवफाई में वो रोते है और वफा में हम रोए है। 9: दुनिया वालों का भी अजीब दस्तूर है बेवफाई महबूब से मिलती है बेवफा मोहब्बत बन जाती है। 10: हम गम तन्हाई और जुदाई से मरते रहे और वो बेवफा बन के चुप बैठे रहे। 11: कोई शिकवा नही है तुमसे बेवफाई का में परेशान हु खुद अपनी वफाओं से। 12: काश हम भी होते गालिब की तरह शायरी के बादशाह हम भी तुझे रूलाते तेरी बेवफाई के शेर सुना सुना कर। 13: मुझे कोई गम नहीं तेरी बेवफाई का मैं बस थोड़ा सा मायूस अपनी वफा से हूँ । 14: मेरी चुप्पी का मतलब बेवफाई न समझो कभी कभी मजबूरियां भी खामोश कर जाती है। 15: ...

30 जिंदगी शायरी हिंदी में

  1: कागज लिए-लिए हाथों में सोचता ही रह जाता हूँ, जब तक रूह से मोहब्बत ना होती है, तब तक कुछ लिख नहीं पाता हूँ। 2: जिंदगी को गणित की तरह समझने में लगे हुए है, इसकी शुरुआत और अंत ढूंढ़ ने में लगे हुए है, हर किसी के नजरों में खुद को बेहतर बनाने में लगे हुए है, ना जाने क्यों हम अपने आप को समाज के हिसाब से ढलने में लगे हुए है I 3: आजकल लोग अपने आप से ज्यादा मोबाइल सम्भाल के रखते है, क्योंकि रिश्ते सारे अब इसी में कैद हो के रहने लगे है I 4: जिंदगी के सही और गलत के बीच में क्या है, और जो सही है वो सही क्यों नहीं लगता, और जो गलत है वो सही क्यों लगता, सही और गलत का फैसला आखिर कौन करता है। 5: क्या लिखूँ अपनी जिंदगी के बारे में, वो लोग ही बिछड़ गए, जो जिंदगी‌ हुआ करते थे। 6: लाइफ के खेल बड़े ही अलबेले है जो लोग सच्चे है उन्होने ही गम झेले है। 7: जिंदगी में जितने कम लोग होते है सुकून उतना ही ज्यादा मिलता है। 8: जिंदगी जीनी है तो हर हाल में चलना सीख लो खुशी हो या गम हर माहौल में रहना सीख लो। 9: यूं तो जिंदगी में अच्छे रिश्ते हमने खोये बहुत अब आरजू है कि मरने पर यह जमाना रोए बहुत। 10: एक साँस ...